Wednesday, October 6, 2010

ऐसा भी होता है !!!


कभी कभी जीवन में बहुत कुछ ऐसा होता है जो आप ने पहले से तय नहीं किया होता. सब कुछ अप्रत्याशित सा ! पिछले दो महीने में भी बहुत कुछ इतनी तेज़ी से घटा ..
जैसे किसी सुस्त निढ़ाल से मन को पंख मिल गए थे !


अगस्त के  दिन :

गर्मियों की छुट्टियाँ गुज़र रही थीं.मन अजीब सा था कि ये छुट्टियाँ गुज़र गयी तो फिर अगले साल का इंतज़ार! बस ..एक दिन बाद की बुकिंग की और पहुँच गयी बच्चों के साथ इंडिया!

हाथ में सिर्फ दो हफ्ते का समय..कितने प्रोग्राम बनाये थे ...इतने कम समय में दिल्ली से लखनऊ जाना,विज्ञान कार्यशाला में भाग ले पाना मात्र एक संयोग ही था या कहिये 18 साल बाद लखनऊ की ज़मीन अपनी ओर खींच रही थी.यह भी एक बहाना था तक़दीर का.. वही स्टेशन / रास्ते /सड़कें/विधानसभा मार्ग /आकाशवाणी/गोमती नदी और… ..18 साल में बदला बहुत कुछ लेकिन इतना नहीं कि उस आबो हवा को पहचान न सकूँ!लगभग हर उस जगह ने आवाज़ दी..जहाँ कभी फुर्सत में हाज़िरी लगाया करती थी! हर उस जगह को इशारा करके बताती के देखो वहाँ वो था/ ये था...मेरे इस व्यवहार से शायद बच्चे भी उकता गए होंगे ..लेकिन ..होता है ऐसा जब भी ज़िन्दगी फ्लेशबेक में जाती है तो ऐसा ही होता है शायद ..अपने आस पास वाले हर व्यक्ति को हम अपने साथ सालों पीछे ले जाना चाहते हैं !

लखनऊ में डॉ.अरविन्द मिश्र जी,ज़ाकिर जी,शैलेश भारतवासी  ,रविन्द्र प्रभात जी आदि ब्लॉग जगत के कई अन्य सदस्यों से मिलना हुआ.दिल्ली लौट कर रंजना भाटिया जी ओर सीमा जी से भी मिलना हुआ... अविस्मरणीय स्वप्न सरीखा अनुभव रहा.इंडिया प्रवास भी बहुत ही अच्छा गुज़रा.दो हफ्तों में बहुत कुछ दिया समय ने मुझे मेरे बिन मांगे!


देखी कई सालों बाद इतनी सारी बारिश!
सितम्बर की एक शाम

कभी कभी अपनी दिनचर्या से कुछ पल रोज़ाना चुरा चुरा कर कुछ दिन बना कर एक ब्रेक लेना चाहिये .बस वही किया था और उन्हीं चुराए पलों को खर्च करने का मन बना हुआ था..मगर सितम्बर ने भी मेरे लिए ऐसा कुछ रखा था जो मेरे लिए अप्रत्याशित ही था.

रेडियो से हमेशा से ही लगाव रहा है ,कभी विविधभारती के सारे प्रोग्राम सुना करते थे,'संगम'मुझे खास प्रिय था.जो आकर्षण और मोह रेडियो से रहा वह टी वी से कभी नहीं हो पाया.अलेन शहर में किसी भी रेडियो के सिग्नल नहीं आते इसलिए सालों से रेडियो सुनने से महरूम ही हैं.जब से अंतर्जाल पर सुन सकने की सुविधा हुई है तो अब थोड़ी राहत है!.

एक शाम दुबई के रेडियो 'हम एफएम' के एक विज्ञापन को देख कर अपनी आवाज़ एक प्रोग्राम के लिए भेज दी [क्योंकि दिल में कहीं एक तमन्ना तो थी ही कभी 'आर जे' बन कर प्रोग्राम होस्ट करूँ!]...परन्तु कोई मेरी audition के लिए भेजी क्लिप सुनेगा भी या नहीं इस का भरोसा नहीं था. [ सुना है कि ऐसी जगहों पर सिफारिश/जानपहचान ही अधिक चलती है :)] ..लेकिन अगली शाम को प्रोग्राम के producer 'आफ़ताब का फोन आया कि आप स्टूडियो audition के लिए कब आ सकती हैं?..मैंने घर में तुरंत बात की और अगले दिन रविवार को आने का कह दिया ..और शारजाह स्थित उनके स्टूडियो [जो यहाँ से ढाई घंटे का बस से सफ़र है] ..पहुँच गयी..इत्तेफाक़ से उसी दिन प्रोमो भी रिकॉर्ड हुआ और 30 तारीख को प्रोग्राम करने का निमंत्रण भी मिला..सब कुछ इतनी तेज़ी से हुआ कि यह सब अविश्वसनीय सा लगा . शुक्रिया आफ़ताब ,आप ने  रेडियो वालों के प्रति मेरी धारणा को ग़लत साबित किया!

30 सितम्बर की शाम [भारत में शाम 4:30 से 5:30 का समय] ..जिस दिन देश में एक ऐतिहासिक फ़ैसला भी आना था उस दिन उसी समय मेरा कार्यक्रम भी आना था. एक झिझक थी..कि कैसे सब को कहूँ ..पहली बार प्रोग्राम देने जा रही हूँ न जाने कैसा हो पायेगा?..फ़िर भी हिम्मत कर के फेसबुक पर सन्देश छोड़ दिया.शुभकामनाएँ मिलीं ..प्रोग्राम हुआ और जिन्होंने सुना ..अच्छा बताया ..यहाँ तो मुझ से अधिक हमारे पारिवारिक मित्र खुश थे..वीरवार की शाम मतलब अगले दिन से वीकेंड भी था..बस सब दुबई में मेरी मित्र के घर इकट्ठा हो गये और सब ने इस ख़ुशी को सेलिब्रेट किया, सब ने कई बार रेकॉर्डिंग को सुना.अब यह इवेंट हमेशा के लिए यादगार बन गया.

चूँकि अलैन में सिग्नल नहीं आते तो यहाँ ऑनलाइन ही रिकॉर्ड कर सकते थे ..कभी कभी ऑनलाइन भी connect नहीं होता था..दुबई वाले फ्रेंड्स भी केसेट पर ही रिकॉर्ड कर पाते..क्वालिटी अच्छी नहीं होती ..समझ नहीं आ रहा था किसे कहूँ कि प्रोपर रिकॉर्ड हो!

प्रकाश गोविन्द जी को रेडियो प्रोग्राम आदि का भी अनुभव है तो उन्होंने ऑनलाइन प्रोग्राम रिकॉर्ड करके देने का आश्वासन दिया परन्तु यह भी कहा कि रेडियो वालों से भी कह कर देखो क्योंकि उनकी रेकॉर्डिंग बेस्ट होगी.वह सुझाव काम आया और बोलने के लिए जो टिप्स और guidance दी थी उसके लिए भी उनका आभार.
दिगंबर नासवा जी,ताऊ जी और प्रकाश गोविन्द जी जिन्होंने मुझे ऑनलाइन /लाईव सुना अपना क़ीमती समय दिया उनके लिए भी आभार.

ALPANAATSTUDIOGVNGPROGMWithRJ Aftaab21 उसी कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के यहाँ प्लेयर दिए गए हैं चाहें तो क्लिप को डाउनलोड कर के भी बाद में आराम से सुन सकते हैं. अच्छी बैंडविड्थ है तो इस प्लेयर पर पूरी रेकॉर्डिंग लगातार स्ट्रीम कर के सुन सकते हैं .यह ४२ मिनट की है.इसमें शुरू में प्रोमो भी रखा है जो रविवार से ऑन एयर था .







और इसी रेकॉर्डिंग को ५ हिस्सों में बाँट कर नीचे दिए गए प्लेयर में पोस्ट किया है ताकि छोटी छोटी फाइल आराम से लोड हो सकें.

Part 1-Download /play Mp3 or Ogg
Part 2-Download/play Mp3 or Ogg  
 Part 3-Download/play Mp3 or Ogg
 Part 4-Download/play Mp3 or Ogg
Part 5-Download/play Mp3 or Ogg

सुनकर बताईयेगा  कि मेरा यह पहला प्रोग्राम कैसा लगा

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