Wednesday, 11 August 2010

थेम्ज क्रूज ..मेरी नजर से :)

आइये आज आप सबको ले चलती हूँ रिवर थेम्स के क्रूज पर. नदी के किनारे बहुत सी  एतिहासिक इमारतें हैं और उनकी एक अपनी पहचान भी है ..पर मेरी नजरों को देखिये वो उनसे अलग भी कुछ देख लेती हैं ..तो आपको दिखाती हूँ कुछ तथ्य और कुछ अपने कथ्य :) 
सबसे पहले 
लन्दन आई - अरे मैं लन्दन नहीं आई. मतलब की लन्दन की आँख. सॉरी आँखें ..अब इतना सब है लन्दन  में देखने को तो इतनी आँखें तो कम से कम चाहिए ही होंगी .




















ओल्ड सिटी स्कूल ऑफ़ लन्दन - बड़ी बड़ी हस्तियाँ पढ़ी हैं इसमें - .हाँ पढ़ना जरुरी जो है सबका वर्ना सोशल  सर्विस वाले उठाकर ले जायेंगे .


               







लन्दन ब्रिज - विल नेवर फाल डाउन ..पर उसके ऊपर से आप क्रूज पर हैं तो कुछ भी गिर सकता है इसलिए उन्हें हाथ  हिलाना जरुरी है जिससे कि पुल पर खड़े  लोगों के हाथ आपको बाय करने में व्यस्त रहें और कुछ आपके ऊपर फेंकें नहीं .



बेलफास्ट  शिप - अब इसके अन्दर वार म्यूजियम   है ..हमें इसमें ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था पर क्योंकि अपने दीपक मशाल जी बेलफास्ट में वहां रहते हैं इसलिए तस्वीर खींच ली :)










सिटी हॉल - सुना है इसे बनाने वाले का दावा  था कि सबसे एकोनोमिकल बनाया जायेगा इसे ..इसलिए इसके नामकरण के लिए ना जाने कितनी कमेटियां बिठाईं  गईं ...कितना ही मिलियन पौंड्स खर्च किये गए और  आखिर कार नाम दिया गया "सिटी हॉल" ..वाह क्या रचनात्मकता है :)और क्या पैसे की बचत .आखिर मेयर जो बैठते हैं यहाँ



 टॉवर ब्रिज - ये साल में ५०० बार खुलता है और दिन में ४ बार ..बड़े बड़े लोगों के लिए समय की कोई पाबन्दी नहीं है.



एंट्री टू द त्रिअटर गेट - नदी से टॉवर तक जाने का पहला रास्ता .उसके बाद तो जहाँ से मर्जी आइये 







थ्री ग्लास बिल्डिंग्स - शायद किसी खिड़की साफ़ करने वाली कंपनी का ऑफिस है ..अब वही इतना पैसा कमाते हैं .










कुछ जोर्जियन समय की इमारत  - कुछ खिड़कियाँ बंद देख रहे हैं आप? ये इसलिए क्यों तब हर खिड़की पर टैक्स था ..जितनी खिड़की उतना टैक्स ..तो लोग कुछ खिड़कियाँ ईंट से बंद करा दिया करते थे  ..वाह क्या तरीका है टैक्स बचाने का.

लाइम हाउस एंट्रेंस - इस रास्ते नाव से ही मिडलेंड्स   तक जाया जा सकता है ...रोड पर तो ट्रैफिक  बहुत होता है ना .

अब आखिर में एक बात और  
थेम्स नदी के नीचे ३ रोड की टनल हैं -- हाँ भाई जरुरी हैं ऊपर की रोड पर तो जगह ही नहीं  बची ना.
वैसे और भी बहुत कुछ दिखाई पड़ता है आस पास पर वो फिर कभी :)

37 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

अरे वाह ...आज तो पुरे लन्दन की सैर करा दी ....बहुत बढ़िया लगा यह सब जान कर ...तुम्हारी आँखों से ही देख ली हर जगह ..:):) बहुत बढ़िया रिपोर्ट ...

abhi said...

मस्त...,मजा आ गया लन्दन घूम के :)
वैसे मेरे दो दोस्त वहां रहते हैं तो इनमे से ३-४ जगहों के बारे में पता था पहले से.
हम कभी आयेंगे लन्दन तो आपसे ही कहेंगे की सब जगह घुमाने को...देखिये वैसे कब आते हैं..आ भी पाते हैं या नहीं :)

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छा सफ़र रहा!
आभार!

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़ी सुन्दर यात्रा लंदन की।

निर्मला कपिला said...

वाह आज तो सही समय पर आयी वरना लंदन घूमने से रह जाती। तस्वीरों समेत बहुत अच्छी जानकारी। शुभकामनायें

ललित शर्मा said...

वाह शिखा जी आपने तो घर बैठे लंदन की सैर करवा दी।
वरना इतनी बरसात में घर से बाह कौन निकलता?

अब भारत में खिड़कियों पर टैक्स लगना बाकी रह गया है। वो आपने सलाह दे दी है। देखते हैं कब तक सरकार अमल करती हैं।
ईंटो का इंतजाम करके रखते हैं खिड़कियों के लिए:)

अच्छी पोस्ट आभार

Deepak Shukla said...

Hi..

Kuch taza panktian nazar hai,

"RAJ AUR SAMRAJYA"

Kake Bharat ke do tukde..
Chhod gaye jo 'RAJ'..
Dekha teri nazron se..
Humne wo 'SAMRAJYA'..

2. "FARAK"..

Ek "DEEPAK" jo, tere sang..
Ghum raha hai 'LONDON'..
Ek "DEEPAK" main London ghuma..
Aakar blog pe 'SPANDAN'..

Khubsurat vratant.. Aise hi hamen duniya ghumate rahiye.. Kyonki hamen to bas filmon aur chitron main hi videsh jana hai..

Deepak Mashal ji ko meri mubarakbad pahunchaiyega.. London main Nehru Centre main kahani padan ke liye..

Aur ant main..ye do panktian apne mitron ki nazar..

Hamen na chah hai aisi, ki jayen hum Videshon main..
Rahe hum Desh main apne hi, hardam door hain ghar se!!!!!

Deepak..

Deepak Shukla said...

Hi..

Kuch taza panktian nazar hai,

"RAJ AUR SAMRAJYA"

1. Karke Bharat ke do tukde..
Chhod gaye jo 'RAJ'..
Dekha teri nazron se..
Humne wo 'SAMRAJYA'..

2. "FARAK"..

Ek "DEEPAK" jo, tere sang..
Ghum raha hai 'LONDON'..
Ek "DEEPAK" main, London ghuma..
Aakar blog pe 'SPANDAN'..

Khubsurat vratant.. Aise hi hamen duniya ghumate rahiye.. Kyonki hamen to bas filmon aur chitron main hi videsh jana hai..

Deepak Mashal ji ko meri mubarakbad pahunchaiyega.. London main Nehru Centre main kahani pathan ke liye..

Aur ant main..ye do panktian apne mitron ki nazar..

Hamen na chah hai aisi, ki jayen hum Videshon main..
Rahe hum Desh main apne hi, hardam door hain ghar se!!!!!

Deepak..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत शूब!
सुन्दर चित्रों के माध्यम से हमरी भी सैर हो गय़ी!
साथ ही ज्ञानवर्धन भी हो गया!

ashish said...

चलो भैया हमहू घूम आये लन्दन. बहुत सुघर लगे भाई इ लन्दन तोहार . सब हमार लोगन का सम्पति लूट खसोट कर अपने को चमका लिए वो लोग.. कौनो बात ना. थोडेही दिन हमरो देश म़ा वो बिलायत वाली चमक चूमक हुई जाई. हम तो वोही का इन्तजारे कर रहा है. बढ़िया सचित्र वर्णन .

ताऊ रामपुरिया said...

लो जी घर बैठे बिठाये लंदन घुमा दिया आपने. बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

kshama said...

Mai jab London gayi to 3 hafte migraine leke aise padi ki kahin ghoom na saki! Chaliye aapne ghuma diya! In tasveeron ko phir ekbaar fursatse kholke baith lungi!

राज भाटिय़ा said...

वाह शिखा जी आप ने तो यादे फ़िर से ताजा कर दी वेसे तो लंडन हजारो बार आया, लेकिन घुमने के मुड से एक बार आया, ओर सब जगह पर घुमे,आप के सुंदर सुंदर चित्र देख कर लगा कि हम्ही वहा घुम रहे है, आप के सुंदर चित्रो मै एक चित्र की कमी रह गई.... जब आप थेम्स नदी के दुसरी तरफ़ (एंट्री टू द त्रिअटर गेट )से पहले नदी के साथ साथ चले तो नदी के किनारे बहुत बडा पार्क है जहां महत्मा गांधी जी की मुर्ति लगी है, लेकिन बहुत कम लोग ही उस का चित्र खींच पाते है, क्योकि एक दम से कोई सोच भी नही सकता, आप का धन्यवाद

shikha varshney said...

राज भाटिया जी !
अरे ये महात्मा गाँधी जी की मूर्ति तो हमने भी नहीं देखी ..बहुत शुक्रिया बताने का अगली फुर्सत में ही देख कर आयेंगे .

दीपक 'मशाल' said...

ये सही किया दी.. ये पोस्ट लगाने के बाद अब आप मुझसे ये नहीं कह सकतीं कि 'तूने तो लन्दन में कुछ नहीं देखा...' क्योंकि ये सब मैंने देख रखा है.. थेम्स की क्रूज़ यात्रा थी अप्रैल के पहले हफ्ते में.. :)
अरे हाँ उस वारशिप(युद्ध पोत) का नाम एच.एम.एस. बेलफास्ट है और ये भी टाइटैनिक की तरह बेलफास्ट में ही बना था.. जिसका कि इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इंग्लैंड की तरफ से हुआ था.. अब बेचारा इतना लड़ाकू नहीं रहा तो विश्व युद्ध से सम्बंधित वस्तुओं का म्यूजियम बना के खड़ा कर दिया गया उसे लन्दन ब्रिज के पास लन्दन आई वाले किनारे के तरफ लगाया गया है लेकिन उससे काफी दूर है.. रात में इसकी रंबिरंगी लाइट्स बरबस ही मन मोह लेती हैं.. मैंने दिन और रात दोनों में तस्वीर खींच रखी है.. आदेश करें तो भेजूं.. :)

Udan Tashtari said...

दो साल पहले की यात्रा की याद एक्दम ताजा करा दी. बहुत आभार घुमाने का. :)

राजभाषा हिंदी said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

ललित शर्मा said...

बेहतरीन उम्दा पोस्ट

आपकी पोस्ट ब्लॉग4वार्ता पर

चेतावनी-सावधान ब्लागर्स--अवश्य पढ़ें

महफूज़ अली said...

अरे! वाह.......... आपने तो पूरे लन्दन की सैर करा दी.... अब मैं लन्दन आकर क्या करूँगा.... सब तो देख ही लिया... ही ही ही ही .............

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह क्या खूब सैर कराई है लंदन की, वो भी एकदम मुफ़्त :)

Anonymous said...

Genial post and this enter helped me alot in my college assignement. Say thank you you for your information.

वन्दना said...

शिखा जी बैठे बैठे लंदन की सैर करा दी……………बहुत खूब्।

डॉ.कविता वाचक्नवी Dr.Kavita Vachaknavee said...

सुन्दर यात्रा

ajit gupta said...

शिखा जी, आपने इतनी सारी फोटोज दिखायी, मुझे लगा कि लन्‍दन में ब्‍लागर मीट हो रहा है और आप पूछ रही हैं कि क्‍या-क्‍या देखना पसन्‍द करोगे? बढिया है जी, सारा अपना ही पैसा लगा है।

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

शिखा जी,
पहिला बार स्पंदन पर आए त आप लंदन घुमा दीं हमको... मन बाग बाग हो गया... सबसे जादा मजेदार लगा खिड़की पर टैक्स वाला बात अऊर मुँदाया हुआ खिड़की देखकर… अऊर आपका कमेंटवा त बेजोड़ था जो आप ऊ पाइरेट सिप के फोटो के लिए लिखी हैं... अब आना जाना लगा रहेगा!!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह! अच्छा लगा देख कर. याद रखूंगा कि यहां भी जाना है :)

mukti said...

अरे वाह ! मज़ा आ गया. एक तो आपने लन्दन घुमाया मुफ्त में, और वो भी इतने रोचक ढंग से कमेंटरी करते हुए.
बहुत ही रोचक पोस्ट.

Rahul Singh said...

रोचक और रचनात्‍मक चित्र परिचय.

Mukesh Kumar Sinha said...

ham to aapke sponsership ka wait kar rahe the........ki real me Londaon pahuch jayen...........:D

lekin aapne photos aur fir usko manbhavan tarike se batane ke tarike se hi sahi.........ghuma to diya...:D

रेखा श्रीवास्तव said...

रोचक प्रस्तुति दी है, हमें हो फायदा ही हुआ, यहाँ बैठ कर तुम्हारी कैमरे की आंख से सब कुछ देखने को मिला और उसका विवरण भी. वहाँ रह कर हमारे लिए अच्छा काम कर रही हो. आभार.

JHAROKHA said...

shikhaji .
aapne to hame ghar baithe-baithe puuri landon ki sair kara di aur sath sath itani jaankariyan bhi di.
sach bahut hi achha laga.
poonam

जेन्नी शबनम said...

shikha ji,
yaadein taaza karaa diya aapne. 2003 mein london gai thee, jo 3-4 jagah jyada yaad hai unmein london eye bhi hai. achha laga fir se sab ghoom li aapke blog par, dhanyawaad.

PD said...

London bridge is falling down.. falling down.. falling down..

दिलीप कवठेकर said...

अच्छा लगा इतने चित्र देखकर!!

दिलीप कवठेकर said...

स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां...

दिगम्बर नासवा said...

आपने तो लंदन की सैर करा दी ... खूबसूरत फोटो ... लाजवाब विवरण .... लगता है देखने आना पढ़ेगा ...

शेफाली पाण्डे said...

thanks yaar tumne mere london jaane ke paise bacha diye ....

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