27 responses to “शंकरजी अंग्रेजी सीख रहे हैं”

  1. बालसुब्रमण्यम

    पुराने पोस्ट को दुबारा जारी करने के लिए धन्यवाद। बहुत मजा आया पढ़कर। इसी तरह का मेरा भी एक पोस्ट है, जरूरर पढ़ें। आपको पसंद आएगा। कड़ी यह है -
    प्रधान मंत्री राम

  2. ज्ञानदत्त पाण्डेय

    योर पोस्ट इज गुडर दैन द गुडेस्ट!
    तथास्तु!

  3. amit

    ही ही ही, मज़ा आ गया!! :D

  4. ताऊ रामपुरिया

    बहुत लाजवाब है जी. परमानन्द आया. ओके देन सी यू,टाक टु यू लेटर इन इवेनिंग, टेक केयर,बाय-बाय।

    देखा क्या फ़टाफ़ट इंगलिश सीख गये हम.:)

    रामराम.

  5. काजल कुमार

    मेरे जैसे, ब्लॉग्गिंग में देर से आने वालों के लिए तो ये लेखा नया ही है. शंकर जी की जय हो.

  6. Abhishek Ojha

    ‘हमें भी बहुत अच्छा लगा। ऐसे ही कभी-कभी रिठेल करते रहा करिये’ !
    जय जय भोले भंडारी !

  7. ajaykumarjha

    aap jaroor narad muni ke roop mein wahan par kisi kone mein maujood honge tabhi saaree gupt vaartaalap sun lee….suna hai iske baad brahma jee bhee hi hello huee thee ….wo baatcheet kab sunne ko milegee…

  8. - लावण्या

    सुँदर मज़ेदार पोस्ट ! रीठेल करते रहीये आप तो और अमरीकन अँग्रेज़ी भी खूब रही ! :)
    - लावण्या

  9. दिनेशराय द्विवेदी

    अपने लिए तो यह बिलकुल ताजा थी। आनंद हो गया।

  10. anil pusadkar

    अपन भी फ़र्स्ट टाईम एन्जाय किया।तथास्तु।

  11. संजय बेंगाणी

    रीठेल फैशन बन गया है जी. वैसे उत्तम दबी पड़ी रचना फिर से पढ़ने को मिले तो गुस्ताखी मुआफ…. :)

  12. गौतम राजरिशी

    ये इतनी लंबी पोस्ट लिख कैसे लेते हैं आप…और हम भी कमबख्त पढ़ लेते हैं…
    वैसे शिव तांडव स्त्रोत की झलकी देख कर अच्छा लगा…रोज पाठ जो करता हूँ।

  13. nivedita

    bahut bariya hai

  14. nivedita

    maja aa gaya par kar

  15. K M Mishra

    क्या बात है अनुप भइया, विष्णु पुराण और शिव पुराण दोनो का एक साथ आनंद आ गया । रिठेलम-ठेल में देखिए हमने भी लुत्फ उठा लिया इस पोस्ट का, नहीं तो कहां देवताओं की वर्ता का सुख मिलता है । अब तो काफी दिन हो गये होंगे दानों लोगों में बतियाये । एक दिन फिर से नंबर लगाइये । पता तो चले शंकर जी की अंग्रेजी किस पहाड़ की कौन सी चोटी तक पहुंच रही है ।

  16. PD

    :) मस्त है.. लास्ट टाइम आइ मिस्ड..

  17. Suresh Sahani

    इतना स्तरीय व्यंग कि पढ़ैया के पसीना छूटि जाय । मुला अन्गरेजी का महत्व समझ मां आइ गवा।
    बहुत ही अच्छा लिखा है।परसाई जी की याद आ गई।

  18. keshav goyal

    गुड वैरी गुड…………..

  19. sanjay jha

    इसकी एकांकी बांचने में आनंद आएगा ……………………

    प्रणाम.

  20. Devanshu Nigam

    पहली बात तो आप मुझे पागल घोषित करवा के रहेंगे…पिछले एक घंटे से कोने पे पड़ा हँसे जा रहा हूँ…
    दूसरा..आप पे फोन टैपिंग का केस बनता है… :)
    Devanshu Nigam की हालिया प्रविष्टी..मोड़ पे बसा प्यार…

  21. shikha varshney

    :):)…

  22. फ़ुरसतिया-पुराने लेख

    [...] शंकरजी अंग्रेजी सीख रहे हैं [...]

  23. amit

    लो आज फिर बाँच लिए, क्या शानदार वार्तालाप लिखा था, फिर से पढ़ के घणा मज़ा आ गया! :D
    amit की हालिया प्रविष्टी..ओ भईया, क्यों दें लगान …..

  24. sharmila ghosh

    ओह माई गॉड…………… मेरा तो हंसते-हंसते बुरा हाल हो रहा है… कैसे मजे से आप गंभीर बातें कह जाते हैं शुक्ल जी. बहुत आनंद आया पोस्ट पढ़ के.

  25. sanjay jha

    मजा आया………..

    प्रणाम.

  26. Nirupma Pandey

    imajination badhiya h

  27. Neerja Shukla

    bada sahi chitran kiya gaya hai..:)

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