सफ़ाई का मौका

सफ़ाईमंत्री जी की शिकायत है कि उनको सफ़ाई का मौका नहीं मिला. दूध से मक्खी की तरह निकाल दिया गया. घोर कलयुग है जी. कल तक सरकार में अंगद की तरह जमा आदमी उत्तराखंड में आई बाढ में मामूली सामान सा बह गया.

मीडिया को भी तकलीफ़ हुई होगी. हफ़्ते भर का जो मामला खिंचता वह दो दिन में निपट गया. मीडिया का ’सनसनी लॉस’ हो गया. बुजुर्गवार ए.टी.एम. न्याय का शिकार हो गये. मंत्रीजी को ऐसे निकाल दिया जैसे ए.टी.एम. से पैसे निकाले गये हों. उनकी तकलीफ़ जायज है. सफ़ाई का मौका न मिला. न हाय-हाय हुई न किचकिच. निकाल बाहर किया गया.

देखा जाये तो बुजुर्गवार ने लीक तोड़ने का काम किया. राजनीति वाले घपले-घोटाले, भाई भतीजावाद और घूस-फ़ूस के लिये बदनाम हैं. बुजुर्गवार ने जनप्रतिनिधियों की बदनामियों की एकरसता को तोड़ा है. भ्रष्टाचार के दलदल से मामला उठाकर यौनाचार की जमीन तक लाये हैं. नयी नजीर पेश की है राजनीतिज्ञों के सामने. बदनामी के लिये कब तक करप्शन का मुंह जोहते रहोगे भाई. बदनामी के लिये करप्शन का विकल्प मौजूद है आपके पास.

बुजुर्गवार ने देश के युवाओं के सामने भी एक नजीर पेश की है. युवा पीढी दिन रात मल्टीनेशनल कंपनियों की चाकरी करती हुई राजनीति से दूर भाग रही है. तनाव के चलते उनके अपने यौनक्षमता प्रभावित हो रही है. इस नजीर से उनको राजनीति में आने की प्रेरणा मिल सकती है. राजनीति में आओ, फ़िर से यंग बन जाओ.

भूतपूर्व वजीर साहब के सहारे बुढ़ापे में जवानी का संचार करने की दवा बेचने वाले भी अपनी दुकान चमका सकते हैं. अगले ने हमारी कंपनी की बनी दवाई खायी तभी जवानी बरकरार रही. हमारी जड़ी सूंघी उसी से ताकत का संचार हुआ. झटका हकीम भी सार्वजनिक शौचालयों में अपना हल्ला मचा सकते हैं. हमसे झटका लगवाओ, कयामत तक जवानी चमकाओ. देशी ताकत की दवा बनाने वाले वियाग्रा के मुकाबले स्वदेशी गोली के चमत्कार के किस्से सुना सकते हैं.

बुजुर्गवार की पार्टी वालों ने उनको सफ़ाई का मौका नहीं दिया लेकिन खुद दिये पड़े हैं सफ़ाई. कह रहे हैं आरोप लगाने वाली पार्टी के लोग यह सब बहुत पहले से करते आ रहे हैं. हमारे यहां तो अब शुरु हुआ.

यह अपराध बोध ठीक बात नहीं. न बुजुर्गवार के लिये, न उनकी पार्टी के लिये न समाज के लिये. सबको छाती ठोंककर कहना चाहिये हम परम्परा से जुड़े रहे हैं. अपने पूर्वज ययाति की परंपरा निबाह रहे हैं.ययाति ने तो अपनी यौन इच्छा पूरी करने के लिये अपने लड़के से जवानी उधार ली थी. हम तो अपनी से काम चला रहे हैं. जवानी के लिये किसी लोन की अर्जी नहीं दी. वे तो सिर्फ़ स्त्रियों को भोगते थे , हम तो लड़कों को भी कृतार्थ कर रहे हैं. पूर्वजों के आदर्शों को नये आयाम दे रहे हैं. नयी नजीर पेश कर रहे हैं.

बुजुर्ग की शिकायत जायज लगती है. उनको सफ़ाई का मौका तो मिलना चाहिये था. आपको क्या लगता है?

8 responses to “सफ़ाई का मौका”

  1. arvind mishra

    यह व्यंग की अश्लील विधा है हमें तो आगे पढने में शर्म आ रही है :-(
    arvind mishra की हालिया प्रविष्टी..बिचारी कर्मनाशा!

  2. प्रवीण पाण्डेय

    सफाई करने का और सफाई देने का अवसर तो मिलना बनता है, कुछ नहीं तो क्षमा माँगने का ही सही।
    प्रवीण पाण्डेय की हालिया प्रविष्टी..मैं किनारा रात का

  3. Pawan Mishra

    ये बुजुर्ग भ्रमवश 377 हटाने की जगह 370 हटाने के नाम से भाजपा से जुड़ गये होंगे शायद।

  4. sanjay jha

    बुजुर्गवार ने जनप्रतिनिधियों की बदनामियों की एकरसता को तोड़ा है. राजनीति में आओ, फ़िर से यंग बन जाओ. हम तो अपनी से काम चला रहे हैं. जवानी के लिये किसी लोन की अर्जी नहीं दी.
    …………………………..
    …………………………..

    प्रणाम.

  5. alpana

    वाकई पते की बात है यह कि ‘मीडिया का ’सनसनी लॉस’ हो गया.’
    अच्छा हो कि बाकि मामलों में भी अदालतें इतना त्वरित फैसला सुना दें.
    alpana की हालिया प्रविष्टी..रंग बदलता मौसम

  6. PN Subramanian

    पूरा मामला उतना सरल और सीधा नहीं है. इस निष्कासन और ए टी एम जैसी दीगर कार्रवाई के पीछे कई राज छुपे होंगे. आपने जो तस्वीर लगाईं है उसपर भी एक यथार्तवादी पोस्ट बननी चाहिए.

  7. Khushdeep Sehgal

    अब समय आ गया है, जब राघवजी, एनडी तिवारी और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे लोगों को मिलकर अपनी नई
    पार्टी का ऐलान कर देना चाहिए…

    जय हिंद…

  8. : फ़ुरसतिया-पुराने लेख

    [...] सफ़ाई का मौका [...]

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