Thursday, March 13, 2014

हम लोग किस पार्टी पर यकीन करें ये कोई बता दे ????

झारखण्ड :

NoName
(constituency)
TermParty
1Babulal Marandi
Ramgarh
15 November 2000 – 17 March 2003
(852 days)
Bharatiya Janata Party
2Arjun Munda
Kharsawan
18 March 2003 – 2 March 2005
(715 days)
3Shibu Soren
--
2 March 2005 – 12 March 2005
(10 days)
Jharkhand Mukti Morcha
(2)Arjun Munda
Kharsawan
12 March 2005 – 14 September 2006
(555 days)
Bharatiya Janata Party
4Madhu Koda
Jaganathpur
14 September 2006 – 23 August 2008[2]
(709 days)
Independent
(3)Shibu Soren
--
27 August 2008 – 18 January 2009
(144 days)
Jharkhand Mukti Morcha
Vacant
(President's rule)
19 January 2009 – 29 December 2009
(344 days)
N/A
(3)Shibu Soren
--
30 December 2009 – 31 May 2010
(152 days)
Jharkhand Mukti Morcha
Vacant
(President's rule)
1 June 2010 – 11 September 2010
(102 days)
N/A
(2)Arjun Munda
Kharsawan
11 September 2010 – 18 January 2013
(860 days)
Bharatiya Janata Party
Vacant
(President's rule)
18 January 2013 – 12 July 2013
(175 days)
N/A
5Hemant Soren
Dumka
13 July 2013 – present
(239 days)
Jharkhand Mukti Morcha
छत्तीसगढ़ :

AssemblyDurationWinning Party/CoalitionChief MinisterOpposition leader
1st2000–2003Indian National CongressAjit JogiNand Kumar Sai
2nd2003–2008Bharatiya Janata PartyRaman SinghMahendra Karma
3rd2008–2013Bharatiya Janata PartyRaman SinghRavindra Choubey
4th2013–PresentBharatiya Janata PartyRaman SinghT.S. SINGH DEO


और इन दोनों जगहों में विकास के नाम पर कुछ नहीं है, हर दिन हत्या, लूट, बंद यही मिला है यहाँ की जनता को । इसबार मुझे झारखण्ड आये हुए १३ दिन हुए हैं, जिसमें से ३ दिन बंदी रही है, इस बीच कई हत्याएँ हो चुकी हैं । मेरी ज़मीन छत्तीस गढ़ में है, जिसे देखने तक जाना मुहाल है, इतनी हत्याएँ हो रहीं हैं कि कुछ समझ नहीं आता । इन दोनों जगहों में लोग डरे सहमे हुए हैं, व्यवसाय औंधे मुँह पड़े हुए हैं, अराजकता इस क़दर फैली हुई है कि कुछ कहा नहीं जा सकता। खुशियाँ लोगों के चेहरों से ग़ायब है, हर इंसान परेशान नज़र आता है । 

लोग सोच सकते कि अगर इतनी ही परेशानी है तो मैं यहाँ आती ही क्यों हूँ, पहली और सबसे अहम् बात मैं भारतीय हूँ , झारखण्ड मेरा जन्मस्थान है, दूसरी उतनी ही अहम् बात, मेरी माँ यहाँ अकेली है, मुझे उसकी वजह से ही हर दो-तीन महीने में आना पड़ता है, वो अपना घर-द्वार छोड़ कर कैनेडा जाना ही नहीं चाहती और हम सभी उसकी इच्छा का आदर करते हैं। यहाँ बिजली नहीं, पानी नहीं, सड़कें नहीं, ट्रैफिक ऐसी कि आप घर से बाहर पाँव धरने से पहले दस बार सोचें।  कूड़े का अम्बार लगा हुआ है। 

बेईमानी और धोखाधड़ी हर कदम पर है । आप चाह कर भी किसी पर यकीन नहीं कर सकते।

गुड गवर्नेंस की बात करने वाले ये भी बताएँ कि झारखण्ड को अलग राज्य का दर्ज़ा पाये हुए १३ वर्ष हो चुके और इन १३ वर्षों में से ९.५ वर्ष 'सो कॉल्ड' गुड गवर्नेंस पार्टी का ही राज रहा है, मैं पूछती हूँ क्या साढ़े नौ साल का समय कम था इनके गुड गवर्नेंस के लिए ?????? इन जगहों पर, उनकी गवर्नेंस करने की क्षमता कहाँ घास चरने चली जाती है ????  चमके हुए जूते को चमका-चमका कर कहते फिरना कि देखो जी हमने क्या चमकाया है !!!!। हमसे बेहतर कोई  हो ही नहीं सकता । ये हम झारखण्ड और छत्तीस गढ़ में रहने वालों के लिए विश्वास करने वाली बात अब नहीं रह गयी है, क्योंकि हम लोगों ने फर्स्ट हैण्ड अपनी फ़ज़ीहत इन्हीं के हाथों से झेली है । सालों देख चुके हैं हम इनकी  बेहतरी और इनकी क़ाबिलियत । इनकी गवेर्नेंस ने झारखण्ड की भद्द पीट कर रख दी, छत्तीसगढ़ मटियामेट हुआ जा रहा है । मुझसे कहीं बेहतर दिमागवाले लोग हैं, उनसे इतना ही पूछना है, जब इतने छोटे-छोटे राज्य सम्हालने का शऊर नहीं है इन पार्टियों को तो क्या देश सम्हाल लेंगे ये लोग ????

झारखण्ड और छत्तीसगढ़ दोनों ही आज शरीफों के रहने लायक जगह नहीं रह गए हैं, जबकि उनके निर्माण के साथ ही गुड गवर्नेंस पार्टी ने सरकार सम्हाली थी। कभी लोग इन राज्यों की तरफ भी देख लिया करें और तब आकलन करने की कृपा किया करें, ये जो ढोल पीटते फिर रहे हैं अपनी क़ाबिलियत का, क्या सचमुच वो क़ाबिल है ???

और अब लाख टके की बात हम आपसे पूछते हैं, इतना सबकुछ देखने और भुगतने के बाद हम लोग किस पार्टी पर यकीन करें ये कोई बता दे ????  

Wednesday, February 19, 2014

संविधान की प्रस्तावना:

संविधान की प्रस्तावना:


"" हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक  
गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।""

Thursday, February 13, 2014

आपका नाम बता देता है कि आप किसी से कितना प्‍यार करते हैं......



(कितनी सच्चाई है इन बातों में, मुझे  नहीं मालूम, लेकिन इंटरेस्टिंग तो है, इसलिए यहाँ डाल रही हूँ ) 
पुरानी कहावत है कि नाम में क्‍या रखा है। लेकिन सच बताऊं नाम में ही बहुत कुछ रखा है। नाम कालांतर में आपके व्‍यक्तित्‍व का दर्पण हो जाता है। नाम का असर आपके व्‍यक्त्वि पर जबरदस्‍त पड़ता है और धीरे-धीरे आपका पूरा व्‍यक्तित्‍व उसमें लिपटता चला जाता है। अंग्रेजी के अल्‍फाबेट ए से लेकर जेड तक का अपना प्रभाव है। हम यहां आपकी नाम राशि, प्रेम के लिए आपका व्‍यक्त्वि और आपके प्रेम संबंधों को समझने-समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
* A- ए अक्षर वाले रोमांटिक नहीं होते। इनकी जिंदगी में लव मैरिज के लिए जगह नहीं होती। अरेंज मैरिज के बाद ये अपने जीवनसाथी से प्‍यार करना सीख लेते हैं। साथी के साथ इनका प्‍यार बड़ा की नपातोला होता है, लेकिन दुनिया को इसका पता नहीं चलता। ये अपने साथी की बड़ी से बड़ी गलती को भी चुपचाप सह लेते हैं...इसलिए नहीं कि उससे ये बहुत अधिक प्‍यार करते हैं, बल्कि इज्‍जत की ख़ातिर ये चुप रहना ही पसंद करते हैं। इनका प्‍यार, प्‍यार कम शारीरिक आकर्षण ज्‍यादा होता है, लेकिन यही इन्‍हें इनके साथी से भी बांधे रखता है। इनका व्‍यक्त्वि बेहद आकर्षक होता है।

B- बी अक्षर की नाम राशि वाले बेहद संवेदनशील हैं। रोमांस और तोहफों का आदान-प्रदान इन्‍हें बेहद भाता है। इन्‍हें महत्‍व देना और उसी अनुरूप महत्‍व पाना पसंद है, इसलिए जब इन्‍हें अपने साथी से समान रूप से महत्‍व नहीं मिलता तो ये रूठ जाते हैं। मन की बात बताने में इन्‍हें बेहद कठिनाई महसूस होता है और करते हैं और उसे अपने तक ही रखना पसंद करते हैं। इस कारण कई बार दिल की बात अपने साथी से कह नहीं पाते।

C- सी अक्षर वाले बहुत सामाजिक होते हैं और अपने से जुड़े हर रिश्‍ते को समान महत्‍व देते हैं। इनके व्‍यवहार की वजह से इनके सारे रिश्‍तों में बेहद नजदीकियां आ जाती है, जो कई बार उलझन भी पैदा करती है। ये अपने जीवनसाथी पर अधिकार जमाने की जगह उसे एक मित्र जैसा सम्‍मान देते हैं। आप तारीफ के भूखें हैं, लेकिन अच्‍छे इंसान हैं। 

D- डी अक्षर वाले बेहद जुनूनी होते हैं और एक बार तो ठान लेते हैं, करके ही दम लेते हैं। ये आसानी से हार नहीं मानतेा दूसरों का ख्‍याल रखने में इन्‍हें बेहद खुशी मिलती है। देखने में ये बेहद सेक्सी और आकर्षक होते हैं और रिश्‍ता निभाने में बेहद वफादार। इन्‍हें हमेशा कुछ अलग हटकर करना पसंद है। वैसे कभी-कभी ये ईर्ष्यालु और स्वार्थी हो जाते हैं, लेकिन इनका दिल बड़ा खुला है और इन्‍हें खुले दिल वाले लोग पसंद हैं। 

E- ई अक्षर वालों को बातें करना बेहद पसंद है। यदि आपका प्रेमी/ प्रेमिका अच्छी तरह आपकी बात पर ध्यान नहीं देता तो आपका ‍रिश्ता ही खतरे में पड़ जाता है। किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता आपको प्रभावित करती है। विवादों में पड़ना आपको बहुत पसंद है। फ्लर्ट करने में इन्‍हें बहुत मजा आता है, लेकिन जब आप एक बार दिल दे देते हैं तो उसके प्रति वफादार हो जाते हैं। यदि आपको अच्छा प्रेमी नहीं मिलता तो आप किताब पढ़ते हुए सोना पसंद करते हैं। 

F- एफ अक्षर वाले आदर्शवादी और रोमांटिक होते हैं। अपनी चाहत को महत्व देते हैं। ये खूब फ्लर्ट करते हैं लेकिन अच्छा साथी पा लेने के बाद फ्लर्टिंग छोड़ देतें है। ये  भावुक और आकर्षक होते हैं। नाटकीय बातों में खोए रहना इनका पसंदीदा शगल है। आप एक अच्छे प्रेमी साबित हो सकते हैं।

G- आपको अपने कैरेक्टर से ज्यादा अपने मतलब का प्यार पसंद है। किसी भी व्यक्ति को अपने जाल में फँसाना कोई आपसे सीखे। आपको ऐसे साथी की तलाश रहती है जो आपके आर्थिक स्तर को बढ़ाए। वादा करके निभाने का ढोंग आप बखूबी रच लेते हैं। आप अपने 'गलत' यानी वैधानिक रूप से अमान्य प्यार के प्रति समर्पित रहते हैं। 

H- आप बेहद संकोची और संवेदनशील हैं। आप मन ही मन प्यार करने में यकीन करते हैं लेकिन खुलकर उसे स्वीकार करने में डरते हैं। आपको अपनी इज्जत और मान सम्मान से बहुत प्यार है। किसी एक चीज से बँधकर रहना आपको पसंद है। यदि आपको प्रेरणा मिले तो आप कोई भी काम कर सकते हैं। प्रेम में किसी का दिल दुखाना आपको पसंद नहीं और नहीं चाहते कि कोई आपका दिल दुखाए। 

I- आप प्रशंसा और प्यार के दीवाने हैं। आपको लक्जरी और संवेदनशीलता पसंद आती है। आपको सोच समझकर काम करने वाले लोग पसंद आते हैं। अपने प्रेमी में आप ये गुण देखना पसंद करते हैं। आपको नासमझ लोग पसंद नहीं लेकिन वह नासमझ आपसे सलाह माँगे तो आप उसे पसंद करने लगते हैं। आप संवेदनशील और सेक्सी हैं लेकिन कभी-कभी आप निराश महसूस करते हैं।

J- आप हर तरह से लाजवाब हैं! बेहद खूबसूरत और बेहद ईमानदार। प्यार के मामले में थोडे चूजी और प्रोफेशनल। बहुत सोच-समझ कर निर्णय लेते हैं और अकसर आपका निर्णय सही निकलता है। अपनी भावनाओं को छुपाना बखूबी जानते हैं। लेकिन जब रोमांटिक होते हैं तो सारी कायनात आपके प्यार को देखकर अचंभित हो जाती है फिर आपके पार्टनर का घबराना कोई बड़ी बात नहीं। 

* K- आप बेहद रोमांटिक हो सकते हैं और प्यार में ग्लैमर पसंद करते हैं। पार्टनर का होना आपके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। आपको प्रेम के प्रदर्शन में कोई संकोच नहीं है आप हमेशा बाजी खेलने को तैयार रहते हैं। नए पार्टनर्स के साथ संबंधों में आप सकुचाते नहीं। पर आपको बुद्धिमान लोग भाते हैं। यदि आपका पार्टनर समझदार नहीं है तो आप उसके साथ अधिक समय तक नहीं निभा सकते। 

* L- आप बेहद रोमांटिक हैं पर यह भी सोचते हैं कि प्यार तकलीफ ही देता है। आपको किसी तकलीफ में पड़े व्यक्ति से सहानुभूति होती है जो प्यार में बदल जाती है। अपने प्रेमी को मुसीबत से उबारने में आप सुकून महसूस करते हैं। आप गंभीर, आकर्षक और सपने देखने वाले हैं। आप अपने आपको कल्पना से बहलाए रखना पसंद करते हैं। आपकी काल्पनिक दुनिया फिल्मों से प्रेरित होती है। आप इस दुनिया के बारे में किसी को नहीं बताते, अपने साथी को भी नहीं। 

M- आप भावुक और गहरे डूबे हुए व्यक्ति हैं। जब आप रिश्ते में पड़ते हैं तो उससे पूरी तरह जुड़ जाते हैं। फिर आपको कोई नहीं रोक सकता। आपको ऐसे ही साथ की तलाश रहती है जो आपको इसी तरह टूटकर प्यार करे। आप हर काम में हाथ डालकर अपने आपको आजमाना पसंद करते हैं। आप सामाजिक व संवेदनशील हैं। कभी-कभी आपको फ्लर्ट करना अच्छा लगता है और प्रेमी की देखभाल एक बुजुर्ग की तरह करते हैं। 

N- आपको प्रेरणा की लगातार जरूरत है क्योंकि आप बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं। आप एक साथ कई संबंधों को निभाने में सक्षम हैं। पूरी आजादी में आपका विश्वास है। वैसे तो आप संवेदनशील और आकर्षक हैं लेकिन दुनिया के सामने अपना प्रदर्शन करने में पीछे नहीं रहते हैं। नाटकीय तरीके से प्रेम करने में आपको बहुत आनंद आता है। लेकिन आपको प्यार बहुत हाथ-पैर मारने के बाद ही मिलता है। 

O- आप बहुत शर्मीले लगते हैं लेकिन प्यार संबंधी बातों में आप छुपे रुस्तम हैं। आप अपनी इस ऊर्जा का उपयोग पैसे कमाने में और पद प्राप्त करने में पसंद करते हैं। आपके पास प्रेम संबंधी कई अवसर आएँगे। आप आकर्षक, डूबकर प्यार करने वाले हैं और अपने साथी में भी यही बात चाहते हैं। आपके लिए प्रेम एक गहरी भावना है और हर किसी से नहीं हो सकता। लेकिन आपको कोई बाँधकर रखे यह आपको मंजूर नहीं।

P- आपको समाज का बहुत ख्याल रहता है। आप ऐसा कोई काम करना पसंद नहीं करते जो आपकी छवि को नुकसान पहुँचाए। आपके लिए बाहरी सुंदरता बहुत मायने रखती है इसलिए आपको सुंदर साथी की तलाश है। बुद्धिमान लोग भी आपको आकर्षित करते हैं। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि आप अपने साथी को ही अपना शत्रु समझते हैं और प्यार के दौरान लड़ना-झगड़ना भी चलता रहता है। आपको चोरी छुपे फ्लर्ट करने में भी बहुत मज़ा आता है। 

Q- आपको कुछ न कुछ करते रहने में मज़ा आता है। आपके पास बहुत ऊर्जा है। आपके साथी के लिए आपके कदम से कदम मिलाकर चल पाना थोड़ा कठिन होता है। आप बहुत जोशीले किस्म के प्रेमी हैं और लोग आपके प्रति सहज ही आकर्षित हो जाते हैं। आपको रोमांस, फूल और दिल ये सभी चीजें पसंद हैं। आपको बातें करने वाले लोग भी विशेष रूप से पसंद हैं।

R- आपको फालतू बातों के बजाय सिर्फ काम की बातों में ही दिल लगाना अच्छा लगता है। आपको अपने स्तर के लोग ही पसंद आते हैं और यदि आपका साथी आपसे भी ज्यादा ऊँचे स्तर का हो तो और भी अच्छा है। आपको हमेशा दिमागदार लोग ही पसंद आते हैं। लेकिन शारीरिक सुंदरता भी आपके लिए बहुत मायने रखती है। आपको गर्व करने लायक पार्टनर की तलाश रहती है।

S- आप रहस्यमयी, अपने आप में रहने वाले और शर्मीले हैं। प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, संवेदनशील और जुनूनी हैं पर यह बात आप जाहिर नहीं होने देते हैं। जब कोई आपके बेहद करीब आता है तब ही उसे यह बात पता चलती है। अपने प्यार को आप बेहद गंभीरता से लेते हैं। आपमें सही व्यक्ति के मिलने तक इंतजार और सब्र करने की प्रवृत्ति है। प्यार में छिछोरापन आपको कतई बर्दाश्त नही।

* T- आप बहुत संवेदनशील, बातों को गुप्त रखने वाले और प्रेम के मामले में निष्क्रिय से हैं। आपको ऐसे पार्टनर की जरूरत है जो आपको प्रेरणा देता रहे। संगीत, रोमांस और हल्का प्रकाश आपको जगाने के लिए काफी है। आप प्यार में मुश्किल से पड़ते हैं लेकिन जब पड़ जाते हैं तो आपका उससे बाहर निकलना मुश्किल है। प्यार में आप रोमांटिक, आदर्शवादी व बहुत गहरे उतरने वालों में से हैं।

U- आप जोशीले और आदर्शवादी हैं। जब आप अपने प्रेमी के साथ नहीं होते तब भी उसकी यादों में खो रहते हैं। आपको हमेशा सबकी प्रशंसा पाना पसंद है। आप रोमांस को चुनौती की तरह देखते हैं। रोमांच, नई खोज और आज़ादी आपको प्रिय है। अपने प्रेमी/प्रेमिका को उपहार देना आपको पसंद है। आप यह भी चाहते हैं कि आपका प्रिय हमेशा सबसे अच्छा लगे। खुद से ज्यादा साथी की खुशी चाहते हैं। 

V- आप स्वयं के लिए जीने वाले हैं। आपको आजादी, जोश और अपना अलग स्थान चाहिए। आप तब तक इंतज़ार करते हैं जब तक कोई आकर आपसे प्यार का इज़हार न कर दे। आपके लिए किसी को जानने का मतलब उसकी साइकोलॉजी को समझना है। खुले दिल वाले लोग आपको प्रभावित करते हैं। आपके प्रेमी और आपमें हमेशा उम्र का अंतर रहेगा। आप चाहते हैं कोई आपको आपकी कमियों के बावजूद प्यार करे लेकिन ऐसा होता नहीं है। 

W- आप कुछ गर्वीले, दृढ़ विचारों वाले और प्यार के मामले में ना-ना करने वाले हैं। आपका ईगो आपको आगे बढ़ने से रोकता है। रोमांटिक और आदर्शवादी होने के साथ आप अपने प्रेमी को वैसे ही पसंद करते हैं जैसा वह है यानी आपको बनावट पसंद नहीं है। आपको प्यार का खेल खेलने में आनंद आता है। अगर थोड़ा सा घमंड कम करें तो आपको बेहद खूबसूरत साथी शीघ्र ही मिल सकता है। 

X- आप बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं। आप एक साथ कई प्रेम संबंधों को निभाने की ताकत रखते हैं। आपको लगातार बोलते रहने में भी मजा आता है। आपके अपनी तरफ से कई प्रेम संबंध होते हैं यानी उनमें से कई काल्पनिक होते हैं। आप ख्वाबों में अव्वल दर्जे के सेक्सी हैं लेकिन हकीकत में ऐसे संयमित होने का ढोंग करते हैं जैसे आपके जैसा सीधा कोई नहीं। अपने अल्फाबेट की तरह ही प्यार के मामले में आप गलत इंसान है। 

Y- आप संवेदनशील और आत्मनिर्भर हैं। आप संबंधों में ज्यादा हक जताते हैं जिससे आपका रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिकता। प्रेम में आपको स्पर्श में बहुत आनंद आता है जैसे हाथ पकड़कर बैठना, कंधे पर हाथ रखकर चलना। आप अपने प्रेमी को बार बार जताते हैं कि आप कितने अच्छे प्रेमी हैं। आपको उनकी प्रतिक्रिया भी चाहिए। आप खुले दिल के और रोमांटिक हैं।

Z- आप सामान्य रूप से रोमांटिक हैं। जीवन में चीजों आसानी से लेना आपका शौक है और प्यार में भी यही बात आपको सच लगती है। आपको कहीं भी किसी से भी प्रेम हो सकता है। हर शख्स में आप खूबी तलाश लेते हैं। इसी कारण से लोग आपसे प्रभावित हो जाते हैं। आप प्रेम के मामले में खिलाड़ी हैं। आपको कोई खास फर्क नहीं पड़ता जब ब्रेक अप होता है। आप तुरंत नई तलाश शुरू कर सकते हैं। 



साभार: वेबदुनिया

Tuesday, February 11, 2014

BETTER SAFE THAN SORRY.....!




PLEASE Share this!!! 



WRITTEN BY A COP: Everyone should take 5 minutes to read this. It may save your life or a loved one's life. In daylight hours, refresh yourself of these things to do in an emergency situation... This is for you, and for you to share with your wife, your children, & everyone you know. After reading these 10 crucial tips, forward them to someone you care about. It never hurts to be careful in this crazy world we live in.

1. The elbow is the strongest point on your body. If you are close enough to use it, do!

2. If a robber asks for your wallet and/or purse, DO NOT HAND IT TO HIM. Toss it away from you... Chances are that he is more interested in your wallet and/or purse than you, and he will go for the wallet/purse.

RUN LIKE MAD IN THE OTHER DIRECTION!

3. If you are ever thrown into the trunk of a car, kick out the back tail lights and stick your arm out the hole and start waving like crazy.. The driver won't see you, but everybody else will. This has saved lives.

4. Women have a tendency to get into their cars after shopping, eating, working, etc., and just sit (doing their checkbook, or making a list, or checking their mobile phone etc. (DON'T DO THIS!) The predator will be watching you, and this is the perfect opportunity for him to get in on the passenger side, put a gun to your head, and tell you where to go.
AS SOON AS YOU GET INTO YOUR CAR , LOCK THE DOORS AND LEAVE..

If someone is in the car with a gun to your head DO NOT DRIVE OFF, Repeat:
DO NOT DRIVE OFF! Instead gun the engine and speed into anything, wrecking the car. Your Air Bag will save you. If the person is in the back seat they will get the worst of it. As soon as the car crashes bail out and run. It is better than having them find your body in a remote location.

5. A few notes about getting into your car in a parking lot, or parking garage:
A.) Be aware:look around you, look into your car, at the passenger side floor, and in the back seat.

B.) If you are parked next to a big van, enter your car from the passenger door. Most serial killers attack their victims by pulling them into their vans while the women are attempting to get into their cars.

C.) Look at the car parked on the driver's side of your vehicle, and the passenger side.. If a male is sitting alone in the seat nearest your car, you may want to walk back into the mall, or work, and get a guard/policeman to walk you back out. IT IS ALWAYS BETTER TO BE SAFE THAN SORRY. (And better paranoid than dead.)

6. ALWAYS take the elevator instead of the stairs. Stairwells are horrible places to be alone and the perfect crime spot. This is especially true at NIGHT!)

7. If the predator has a gun and you are not under his control, ALWAYS RUN!
The predator will only hit you (a running target) 4 in 100 times; and even then, it most likely WILL NOT be a vital organ. RUN, Preferably in a zig-zag pattern!

8. As women, we are always trying to be sympathetic:
STOP It may get you raped, or killed. Ted Bundy, the serial killer, was a good-looking, well educated man, who ALWAYS played on the sympathies of unsuspecting women. He walked with a cane, or a limp, and often asked 'for help' into his vehicle or with his vehicle, which is when he abducted his next victim.

9. Another Safety Point: Someone just told me that her friend heard a crying baby on her porch the night before last, and she called the police because it was late and she thought it was weird..
The police told her 'Whatever you do, DO NOT open the door..' The lady then said that it sounded like the baby had crawled near a window, and she was worried that it would crawl to the street and get run over.
The policeman said, 'We already have a unit on the way, whatever you do, DO NOT open the door.' He told her that they think a serial killer has a baby's cry recorded and uses it to coax women out of their homes thinking that someone dropped off a baby.. He said they have not verified it, but have had several calls by women saying that they hear baby's cries outside their doors when they're home alone at night.

10. Water scam! If you wake up in the middle of the night to hear all your taps outside running or what you think is a burst pipe, DO NOT GO OUT TO INVESTIGATE! These people turn on all your outside taps full blast so that you will go out to investigate and then attack.

Stay alert, keep safe, and look out for your neighbors! Please pass this on through e-mail, Blog or anything. This should be taken seriously because these mishaps are happening around us. The Crying Baby Theory was mentioned on America's Most Wanted when they profiled the serial killer in Louisiana

I'd like you to forward this to all the women you know. It may save a life. A candle is not dimmed by lighting another candle..
I was going to send this to the ladies only, but guys, if you love your mothers, wives, sisters, daughters, etc., you may want to pass it onto them, as well.

Send this to any woman you know that may need to be reminded that the world we live in has a lot of crazies in it and it's better to be safe than sorry..
Everyone should take 5 minutes to read this. It may save your life or a loved one's life.

Friday, January 31, 2014

एक झण्डे का सफ़र ....



गांधी जी ने सबसे पहले 1921 में कांग्रेस के अपने झंडे की बात की थी। इस झंडे को पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था। इसमें दो रंग थे लाल रंग हिन्दुओं के लिए और हरा रंग मुस्लिमों के लिए। बीच में एक चरखा  था। बाद में इसमें अन्य धर्मो के लिए सफेद रंग जोड़ा गया। स्वतंत्रता प्राप्ति से कुछ दिन पहले संविधान सभा ने राष्ट्रध्वज को संशोधित किया। इसमें चरखे की जगह अशोक चक्र ने ली। इस नए झंडे की देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने फिर से व्याख्या की। 

21 फीट गुणा 14 फीट के झंडे पूरे देश में केवल तीन क़िलों पर फहराए जाते हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्थित क़िला उनमें से एक है। इसके अतरिक्त कर्नाटक का नारगुंड क़िला और महाराष्ट्र का पनहाला क़िला पर भी सबसे लम्बे झंडे को फहराया जाता है।

1951 में पहली बार भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने पहली बार राष्ट्रध्वज के लिए कुछ नियम तय किए। 1968 में तिरंगा निर्माण के मानक तय किए गए। ये नियम अत्यंत कड़े हैं। केवल खादी या हाथ से काता गया कपड़ा ही झंडा बनाने के लिए उपयोग किया जाता है । कपड़ा बुनने से लेकर झंडा बनने तक की प्रक्रिया में कई बार इसकी टेस्टिंग की जाती है। झंडा बनाने के लिए दो तरह की खादी का प्रयोग किया जाता है। एक खादी जिससे कपड़ा बुना जाता है और दूसरा खादी-टाट। खादी बुनने में केवल कपास, रेशम और ऊन का ही प्रयोग किया जाता है।  इसकी बुनाई भी सामन्य बुनाई से भिन्न होती है। इस तरह की बुनाई अब दुर्लभ हो गई है। धारवाण के निकट गदग और कर्नाटक के बागलकोट में खादी की बुनाई की जाती है और '''हुबली''' एक मात्र लाइसेंस प्राप्त संस्थान है जहां से झंडा उत्पादन व आपूर्ति की जाती है। बुनाई से लेकर बाजार में पहुंचने तक कई बार बीआईएस प्रयोगशालाओं में इसका परीक्षण होता है। बुनाई के बाद सामग्री को परीक्षण के लिए भेजा जाता है। कड़े गुणवत्ता परीक्षण के बाद उसे वापस कारखाने भेज दिया जाता है। इसके बाद उसे तीन रंगो में रंगा जाता है। बीच वाली पट्टी के ठीक मध्य में अशोक चक्र को काढ़ा जाता है। उसके बाद इसे फिर परीक्षण के लिए भेजा जाता है। बीआईएस झंडे की जांच करता है इसके बाद ही इसे बाजार में बेचने के लिए भेजा जाता है।

तिरंगे का विकास

यह ध्वज भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम काल में ही निर्मित किया गया था। १८५७ में स्वतंत्रता के पहले संग्राम के समय भारत राष्ट्र का ध्वज बनाने की योजना बनी थी, लेकिन वह आंदोलन असमय ही समाप्त हो गया था और उसके साथ ही वह योजना भी बीच में ही अटक गई थी। वर्तमान रूप में पहुंचने से पूर्व भारतीय राष्ट्रीय ध्वज अनेक पड़ावों से गुजरा है। इस विकास में यह भारत में राजनैतिक विकास का परिचायक भी है। कुछ ऐतिहासिक पड़ाव इस प्रकार हैं :-
  • *प्रथम चित्रित ध्वज १९०४ में स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता द्वारा बनाया गया था। ७ अगस्त१९०६ को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्ककलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में इसे कांग्रेस के अधिवेशन में फहराया गया था। इस ध्वज को लालपीले और हरे रंग की क्षैतिज पट्टियों से बनाया गया था। ऊपर की ओर हरी पट्टी में आठ कमल थे और नीचे की लाल पट्टी में सूरज और चाँद बनाए गए थे। बीच की पीली पट्टी पर वंदेमातरम् लिखा गया था।
  • द्वितीय ध्वज को पेरिस में मैडम कामा और १९०७ में उनके साथ निर्वासित किए गए कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था। कुछ लोगों की मान्यता के अनुसार यह १९०५ में हुआ था। यह भी पहले ध्वज के समान था; सिवाय इसके कि इसमें सबसे ऊपर की पट्टी पर केवल एक कमल था, किंतु सात तारे सप्तऋषियों को दर्शाते थे। यह ध्वज बर्लिन में हुए समाजवादी सम्मेलन में भी प्रदर्शित किया गया था।
  • १९१७ में भारतीय राजनैतिक संघर्ष ने एक निश्चित मोड़ लिया। डॉ. एनी बीसेंट और लोकमान्य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान तृतीय चित्रित ध्वज को फहराया। इस ध्वज में ५ लाल और ४ हरी क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक और सप्ततऋषि के अभिविन्यास में इस पर सात सितारे बने थे। ऊपरी किनारे पर बायीं ओर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था। एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था।
  • कांग्रेस के सत्र बेजवाड़ा (वर्तमान विजयवाड़ा) में किया गया यहाँ आंध्र प्रदेश के एक युवक पिंगली वैंकैया ने एक झंडा बनाया (चौथा चित्र) और गांधी जी को दिया। यह दो रंगों का बना था। लाल और हरा रंग जो दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्वं करता है। गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा होना चाहिए।
  • वर्ष १९३१ तिरंगे के इतिहास में एक स्मरणीय वर्ष है। तिरंगे ध्वज को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया और इसे राष्ट्र-ध्वज के रूप में मान्यता मिली। यह ध्वज जो वर्तमान स्वरूप का पूर्वज है, केसरिया, सफेद और मध्य में गांधी जी के चलते हुए चरखे के साथ था। यह भी स्पष्ट रूप से बताया गया था कि इसका कोई साम्प्रदायिक महत्त्व नहीं था।
  • २२ जुलाई १९४७ को संविधान सभा ने वर्तमान ध्वज को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया। स्वतंत्रता मिलने के बाद इसके रंग और उनका महत्व बना रहा। केवल ध्वज में चलते हुए चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को स्थान दिया गया। इस प्रकार कांग्रेस पार्टी का तिरंगा ध्वज अंतत: स्वतंत्र भारत का तिरंगा ध्वज बना।
तथ्य विकीपेडिया से लिए गए हैं।