व्यंग्य | विविध | तकनीकी | हिन्दी | छींटे और बौछारें | आसपास की कहानियाँ


इस ब्लॉग में खोजकर पढ़ें :

Custom Search

शनिवार, 31 मई 2014

ऋणं कृत्वा वापसं न करेत…

अहा! तकनीक ने जिंदगी कितनी आसान कर दी है!

और, मैं तकनीक की उस आसानी की बात नहीं कर रहा हूं जिसमें आप अपने स्मार्ट-टीवी पर एक तरफ नवीनतम समाचार या फ़ेसबुक स्टेटस पढ़/लिख रहे होते हैं तो वहीं पर, उसी टीवी के स्क्रीन के दूसरे कोने में आपकी उत्तमार्द्ध बालिका वधू देख रही होती है. और कमाल ये कि आपका अपना रिमोट माउस व की-बोर्ड आपके हाथ में होता है, और टीवी चैनल का रिमोट आपकी पत्नी के – हालांकि भले ही इसका प्रयोग वो यदा कदा ही करे.

image

मैं तो उस आसानी की बात कर रहा हूँ, जो तकनीक आपके आज-नकद, कल-उधार वाले जीवन में लेकर आई है.

चीज़ों को उधार लेने-देने की परंपरा मानव जाति के उद्भव के साथ ही शुरू हो गई होगी. और, बहुत संभव है, यदि कोई परंपरा मानव सभ्यता में शुरू हुई भी होगी, तो वो उधार मांगने की परंपरा ही हुई होगी. लोगों को भले ही लगता हो कि यह परंपरा आजकल थोड़ा खतरे में आ गई है क्योंकि आज के जमाने में भले ही आदमी फ़ेसबुकिया किस्म का सोशल हो गया हो जहाँ घर में शक्कर या नमक खत्म हो जाने पर फ़ीकी चाय और बिना नमक की दाल से ही काम चला लेता है बजाय पड़ोस में जाकर एक कटोरी उधार मांग लाने के, मगर फिर भी वो अपने मित्रों से या तो कोई सॉफ़्टवेयर सीडी या कोई वाई-फाई डांगल उधार मांगने में बाज नहीं आता. या, शायद ऐसी चीजों के उधार मांगे बगैर काम नहीं चलता.

अब जब आप उधार मांग लेते हैं या आपसे कोई उधार मांग लेता है तो समस्या समय पर उसे वापस लौटाने या मांगने की होती है.

मामला यहीं फेल हो जाता है. आसान प्रतीत होती जिंदगी में यहीं कोई बड़ा पेंच आ जाता है.

उधार लेने वाला तो खैर ऐन-केन-प्रकारेण भूल ही जाता है कि उसने कभी किसी से कोई उधार कभी लिया भी था, और बहुधा उधार देने वाला भी भूल जाता है कि उसने कब कोई चीज किसी को दी थी, और जब उसे अपनी उस चीज की जरूरत होती है तो सोचता है कि आखिर वो कहाँ खो गया. और, जब कभी याद भी आता है कि अरे, इसे तो इस फलाँ व्यक्ति को उधार दिया ता, तो तब तक वसूली का समय गुजर चुका होता है.

लोगों की इसी समस्या को दूर करने के लिए एक ऐप्प है – यू बोरोड इट. इस ऐप्प को आप अपने स्मार्टफ़ोन पर इंस्टाल करें, और उधारी को भूलना भूल जाएं!

इस ऐप्प के जरिए आप अपने मित्रों, रिश्तेदारों को उधार में दी गई चीजों को सूचीबद्ध कर रख सकते हैं, और रिमाइंडर डाल सकते हैं कि कब उन्हें वापस करना चाहिए. यदि तय समय में वे वापस नहीं करते हैं तो यह ऐप्प आपके लिए वसूली एजेंट की तरह काम करके उनके हाथ मरोड़कर उनसे आपकी वस्तुएं वापस दिलवा सकता है. यह आपकी ओर से इन्हें इनके ईमेल भेज कर, ट्वीट कर और फ़ेसबुक संदेश भेजकर उन्हें याद दिला सकता है कि भइए, जो किताब या पेनड्राइव आपने उधार लिया था, उसे वापस करने का समय बीत चुका है, और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए जल्द से जल्द वापस कर दो.

 

image

उधार लेकर जाने अनजाने भूल जाने वालों, सावधान हो जाओ!

कुछ अच्छे चुनिंदा हिंदी ब्लॉग पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ

Recent Posts