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CAA Protest: मंसूर अली पार्क में प्रदर्शन कर रही महिलाएं बोलीं- 'ये लड़ाई जारी रहेगी'
Allahabad News in Hindi

CAA Protest: मंसूर अली पार्क में प्रदर्शन कर रही महिलाएं बोलीं- 'ये लड़ाई जारी रहेगी'
प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में लगातार 14 दिन से धरने पर बैठी हैं महिलाएं

प्रदर्शनकारी महिलाओं (protesters) का कहना है कि 'सीएए (CAA) लागू होने के बाद उनसे नागरिकता (Citizenship) साबित करने के लिए कागजात मांगे जायेंगे और कागजात न दे पाने की स्थिति में उन्हें डिटेंशन सेंटरों में भेज दिया जायेगा. ऐसा कोई कानून जो देश के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, उसे वापस लिये जाने तक उनकी ये लड़ाई जारी रहेगी'.

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प्रयागराज. दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh of New Delhi) की तर्ज पर प्रयागराज (Prayagraj) में भी नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में शहर के मंसूर अली पार्क (Mansoor Ali Park) में पिछले चौदह दिनों से महिलाओं का धरना लगातार जारी है. कड़ाके की ठंड के बावजूद मुस्लिम महिलाओं का यह धरना पूरे चौबीसों घंटे चल रहा है. इस धरने में स्थानीय कस्बों और आस-पास के जिलों के साथ ही प्रदेश के दूसरे शहरों की महिलायें भी जुड़ रही हैं. धरना दे रही मुस्लिम महिलायें नागरिकता संशोधन कानून को केन्द्र सरकार वापस लेने की मांग कर रही हैं. इसके साथ ही एनआरसी (NRC) को भी न लागू करने की मांग कर रही हैं.

कानून वापस लिए जाने तक लड़ाई जारी रहेगी
मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि इस धरने के चलते जहां उनके घरेलू काम-काज पर असर पड़ रहा है. वहीं उनके बच्चों की बोर्ड की परीक्षायें भी जल्द होने वाली है, उस पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है. महिलाओं का कहना है कि सीएए लागू होने के बाद उनसे नागरिकता साबित करने के लिए कागजात मांगे जायेंगे और कागजात न दे पाने की स्थिति में उन्हें डिटेंशन सेंटरों में भेज दिया जायेगा. धरनारत महिलाओं ने कहा कि देश की आजादी के समय उनके पूर्वज अपनी मर्जी से भारत में रहे थे और वे पूरी तरह से भारतीय हैं. इसलिए ऐसा कोई कानून जो देश के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, उसे वापस लिये जाने तक उनकी ये सरकार से लड़ाई जारी रहेगी.

धरना दे रहे लोगों के खिलाफ नोटिसें आनी हुईं शुरू
हांलाकि पुलिस और प्रशासन ने कई बार प्रदर्शकारी महिलाओं को धरने से हटाने और पार्क को खाली कराने की भी कोशिश की, लेकिन ज़बरदस्त भीड़ के चलते यह कोशिश नाकाम रही. शान्तिपूर्ण ढ़ंग से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन की ख़ास बात यह है कि इस आंदोलन की कमान बुर्कानशीं मुस्लिम महिलाओं ने संभाल रखी है. आंदोलन में लगातार महिलाओं की भीड़ बढ़ने के चलते प्रशासन भी लाचार नज़र आ रहा है. पुलिस ने बगैर अनुमति के चल रहे इस धरने में शामिल ढाई सौ लोगों के खिलाफ धारा -144 के उल्लंघन के आरोप में 14 जनवरी को मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया था और लोगों को अब नोटिसें भी भेजी जा रही हैं. लेकिन केस दर्ज होने और नोटिसें तामील होने के बावजूद प्रदर्शनकारी महिलायें झुकने को कतई तैयार नहीं हैं. नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के विरोध में प्रयागराज की मुस्लिम महिलाओं का यह आंदोलन रविवार 12 जनवरी से शुरू हुआ है. धरने पर बैठी मुस्लिम महिला प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगी जब तक केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून को वापस नहीं ले लेती है.



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