माकपा का लालगढ़ ध्वस्त

  • धोद में भाजपा के गोरधन जीते
  •  धोद में २० साल काबिज रहने के बाद माकपा की हार
  • दांतारामगढ़ में नारायण सिंह जीते
  • दांतारामढ़ में अमराराम नहीं दोहरा सके जीत
सीकर जिले दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के नारायणसिंह जीत के बाद कार्यकर्ताओं के साथ विजयी मुद्रा में।

सीकर जिले दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के नारायणसिंह जीत के बाद कार्यकर्ताओं के साथ विजयी मुद्रा में।

सीकर जिले धोद विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी गोरधन मतगणना स्थल से विजयी मुद्रा में निकलते हुए।

सीकर जिले धोद विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी गोरधन मतगणना स्थल से विजयी मुद्रा में निकलते हुए।

सीकर. १४वीं विधानसभा के लिए रविवार को आया जनादेश ने माकपा के लाल गढ़ को ढहा दिया है। बीस साल बाद यह पहला अवसर होगा जब माकपा को हार का सामना करना पड़ा। वहीं धोद में १९९३ से चला रहा माकपा का तिलिस्म पूरी तरह से टूट गया है। पिछले बार सीट आरक्षित होने के बाद पेमाराम स्वयं को दूसरी बार और माकपा को पांचवी जीत नहीं दिला सके। वहीं दांतारामगढ. सीट से पिछले चुनाव में कांग्रेस के बड़े नेता नारायण सिंह को हराकर चौकाने वाले अमराराम दूसरी बार जीतने में नाकाम रहे। लगातार तीन बार धोद से और एक बार दांतारामगढ़ से लगातार चार जीत दर्ज करने वाले अमराराम को पांचवी जीत नसीब नहीं हुई। धोद में गत चुनाव में पराजित गोरधन वर्मा ने इस बार पेमाराम को हराकर अपनी हार का बदला ले लिया। वहीं नारायण सिंह अपनी प्रतिष्ठा कायम रखने में सफल रहे।